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मेरा गांव मेरी शान मेरा उत्तराखंड मेरी पहचान

मेरा देश मेरा अभिमान 

हमारा गांव हमारा व्यवहार सबका मान सबका सम्मान

हसीन वादियो के हसीन नजारे पधारो कभी गांव हमारे तुम चले गए विलायत बंधु वही तुम्हारे लगे बसारे ये गांव नहीं जन्नत है यहाँ सारे भाई चाचा हमारे टूटी झोपडी अब तुम भूल चुके हो दोबारा ऐसा समय मत लाना अपने गांव में पूरा बचपन बहुत कूदे हो बस मरने से पहले अपना बचपन यहा आके जरूर देख जाना अपने शहर के कुत्तो को शौक से रोटी बहुत खिला ली होगी तुमने जब गांव आओ तो घर पे बंधी गाय को भी दो रोटी शौक से खिला जाना ?

केदारनाथ यहाँ स्वर्ग से हवा आती है

आस्था से वास्ता होना भी बाहत ज़रूरी है क्यों की दुनिया मे नास्तिको की जनसँख्या कुछ ज्यादा  ही बढ़ चुकी है केदारनाथ अपने आप मे ही एक सपना है जिसे देख हर कोई सकता है लेकिन पूरा नहीं कर सकता तू डर मत ये दरबार फिर लगेगा तू भी वहाँ जायेगा जिस दिन तुझे ,महादेव का बुलावा आयेगा 

कुछ निशानिया कुछ जुबानिया

सात अजूबे लाखो कहानी सुनी सुनाई जानी पहचानी आज हम इन्हे देखे ये लगे हमे खूबसूरत असल मै देखा जाए इनसा ना कोई बदसूरत इन अजूबो मै नज़ाने कितनो की चीखो को कोन कब दफना गया जहा लोगो के सर पे  बालो तक ताज ना था वो बन्दा ताज महल बना गया